शिक्षकों को तीनों विषयों की पढ़ाई में कमजोर बच्चों को आसान तरीकों से बच्चों का ज्ञान बढ़ाने के लिए कहा गया है। इस दौरान बच्चों को पढ़ाने के लिए विभाग की ओर से अलग स्टडी मैटीरियल भी तैयार किया गया है, जिसे सभी स्कूलों में भेज दिया गया है। इसमें गणित, विज्ञान और अंग्रेजी को रोचक बनाया गया है। एक्स्ट्रा लर्निंग मैटीरियल चित्रों पर आधारित है ताकि बच्चे खेल-खेल में तीनों विषयों के बारे में पूरा ज्ञान प्राप्त कर सकें। जिस विषय में अधिक बच्चे पिछड़ रहे हैं वहा विशेषज्ञ शिक्षकों की मदद भी ली जाएगी। सर्वशिक्षा अभियान के तहत प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षकों से भी इस योजना के तहत सहयोग लिया जाएगा। एक्स्ट्रा क्लास समाप्त होने के बाद इन बच्चों का मूल्याकन भी करवाया जाएगा और बौद्धिक क्षमता यदि कक्षा के अनुरूप न हुआ तो फिर से यही प्रक्रिया दोहराई जाएगी।

शिक्षक साथियों में हिंदी भाषा शिक्षण को लेकर तमाम तरह के विरोधाभाष घर कर गए हैं। मसलन बच्चों को किस तरीके से पढ़ाएं? कोई कहता है कि कहानी सुनाओ। फिर उससे शब्द निकालो। फिर शब्दों से अक्षर निकालो। शब्दों के साथ चित्र भी दिखाओ। पर ऐसी स्थिति में बच्चा टमाटर के चित्र के साथ कुछ भी लिखा हो उसे टमाटर ही पढ़ता है। यानि वह अनुमान की ग़लत कंडीशनिंग में फंस जाता है।

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