ब्लू हेलर कुत्ते के लिए सबसे अच्छे खिलौनों के लिए हमारी पूरी मार्गदर्शिका में आपका स्वागत है! माना जाता है कि यह सुंदर, स्वतंत्र नस्ल घरेलू कुत्तों और डिंगो के बीच एक क्रॉसब्रीड के रूप में विकसित हुआ है। ऑस्ट्रेलियाई पशु कुत्ते के रूप में भी जाना जाता है, आप यहां हमारे विस्तृत नस्ल समीक्षा में उनके दिलचस्प इतिहास, स्वभाव और स्वास्थ्य के बारे में और जान सकते हैं। ये कुत्तों एक बेहद बुद्धिमान नस्ल हैं। उन्हें झुंड वाले जानवरों के लिए होना चाहिए और उनके लिए पैदा किए गए गहन कार्यों को करना होगा! हालांकि, यह कभी-कभी मुश्किलों के लिए खिलौनों को चुनने में मुश्किल बना सकता है, क्योंकि उनके पास आसानी से
(स्पोइलर्स अहमद) हैरी पॉटर श्रृंखला अब तक की सबसे प्यारी फंतासी पुस्तक श्रृंखला में से एक है, और वयस्क और बच्चे जादूगर बोर्डिंग स्कूल में जादूगर लड़के और उनके रोमांच की कहानी का आनंद ले सकते हैं। लेकिन कुत्ते प्रेमियों के लिए तीसरी किश्त का एक महत्वपूर्ण संदेश है। कहानी के दौरान, हैरी एक काले कुत्ते से मुठभेड़ करती है और चेतावनी दी जाती है कि यह मौत का संकेत है और आने वाली भयानक चीजें हैं। दुर्भाग्यवश, ये किंवदंतियों हमारी असली दुनिया में मौजूद हैं, और यह बहुत से काले कुत्तों और यहां तक ​​कि काले बिल्लियों को अपनाए जाने से रोकती है। कहानी में, हैरी को यह पता चला कि यह काला कुत्ता वास्तव में अपने चाचा को छिपाने में है, और वह पूरे समय हैरी के जीवन को बचा रहा है। जेके रोउलिंग, अपने जादुई तरीके से, दिखाता है कि काले कुत्तों को सिर्फ गलत समझा जाता है और प्यार के लायक हैं।
यदि रेड फर्न ग्रोथ जैसी किताबें आपको बहुत दुखी बनाती हैं, तो शायद इस पुस्तक में मुख्य पात्र वाले वैलेस वैलेस के साथ आप बहुत आम हैं। जब वह वर्ग के लिए एक पुस्तक रिपोर्ट लिखता है तो वह परेशानी में पड़ता है कि वह किताबों से नफरत करता है जहां कुत्ते अंत में मर जाता है। सजा के रूप में, उसे स्कूल के खेल में भाग लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है जहां एक कुत्ता अंत में मर जाता है, लेकिन वह अपनी सजा को झूठ नहीं बोलता है। वह नाटक को रोलरब्लैड्स और मोपेड के साथ एक रॉक एन 'रोल ओपेरा में बदल देता है। इस पुस्तक के लेखक गॉर्डन कॉर्मन ने मेरे मध्य विद्यालय में बात की जब मैं एक बच्चा था, और मैं आपको बता सकता हूं कि वह एक उल्लसित, शानदार कहानीकार है। वह हमारे सभी छात्र, शिक्षक, और यहां तक ​​कि खुद भी हँसते थे। यह पुस्तक निश्चित रूप से मृत कुत्ते के ब्लूज़ को खुश करेगी।
बच्चों को दिलचस्प तरीके से पढ़ाने के लिए यह आवश्यक है कि आप को यह पता होना चाहिए कि बच्चों की दिलचस्पी किस चीज में है। कुछ बच्चे कार्टून देखते हैं। उसमें भी निंजा हथौड़ी, डोरेमॉन, शिनचैन, छोटा भीम से लेकर बेन टेन, पॉकेमोन और बेब्लेड जैसे विविधताओं से भरे कार्टून होते हैं। कुछ बच्चों को सुपरहीरो वाली फिल्में पसन्द आती है तो कुछ को धूम और रोबोट वाली। कुछ बच्चे क्रिकेट देखना/खेलना पसंद करते हैं तो कुछ फुटबॉल या कोई अन्य खेल। वहीं कुछ बच्चे रचनात्मक होते हैं और कुछ न कुछ बनाते रहते हैं। बच्चों की अलग अलग पसन्द का ज्ञान होना अभिभावक और अध्यापक दोनों के लिए आवश्यक है।

आस पास रखें किताबें: अगर आप कामकाजी महिला है तो ऐसे में आपके बच्चे के पास दिनभर किताब नहीं रह सकती है और वह सिर्फ रात में ही सोते समय किताबें पढ़ सकता है। जबकि यह ज़रूरी है कि बच्चे का जब किताबों से खेलने या उन्हें पढने का मन करे तो वह उसके आस पास होनी चाहिए। इसलिए बच्चे की पहुँच में कुछ उसके लायक किताबें घर में ज़रूर रखें जिसे वो खुद कभी भी निकाल कर पढ़ सके।
पढने लिखने को मजेदार बनाएं: बच्चे को यह अच्छी आदत सिखाने के लिए सबसे ज़रूरी है कि आप किताबें पढने को अपनी रूटीन में शामिल कर लें और बच्चे को भी रोजाना इसमें बिजी रखें। इसके लिए बेहतर तरीका यही है कि पढ़ाई लिखाई को बोरिंग न बनाएं बल्कि उसे एक गेम की तरह लें और ऐसे तरीकों को अपनायें जिससे बच्चे का मन लगा रहे और उसे मजा आता रहे। धीरे-धीरे आप पायेंगी कि किताबें पढना आपके बच्चे की आदत में शामिल हो गया है।
कुछ पैरेंट्स बच्चों को घर के किसी भी हिस्से में बैठकर पढ़ा लेते हैं। कभी गार्डन में, कभी ड्राइंग रूम में, कभी छत पर तो कभी किचन में ही बैठा लिया। आपके लिए भले ही बच्चों को पढ़ाने की ये जगह सही हों, लेकिन बच्चा इन जगहों पर पढऩे से कंफर्टेबल फील नहीं करता। उसके पढ़ने के लिए माहौल बनाएं। स्टडी रूम या फिर बेडरूम में शांत वातावरण में बैठकर बच्चों को पढ़ाना बेस्ट तरीका है। अगर आप बच्चे को रोज इन्हीं जगहों पर पढ़ाएंगे, तो वे हमेशा इसी जगह पर पढ़ना पसंद करेंगे और उनका कंसन्ट्रेशन भी इन्हीं जगहों पर बनेगा। इसलिए बच्चों के पढ़ाने के लिए हर घर में एक स्पेशल स्पेस होना जरूरी है।

हर मा बाप अपने बच्चो से दिलो जानसे प्यार करते है और हर मा बाप अपने बच्चे को पढ़ाई में होशियार होते हुए देखना चाहते है । इसलिए हर मा बाप को अपने बच्चों को सबसे पहले पढ़ना सीखना ही होगा। इसके लिए जब आपका बच्चा छोटा होता है तो आप अपने बच्चे के सामने किसी बुक को जोर से पढ़े ताकि उसके दिल मे आपके जैसे पढ़ने की उत्सुकता बन जाएं। इसके अलावा भी अपने बच्चों को पढ़ना सिखाने के लिए हम आपके लिए बढिया तरीके लाये है जिन्हें आजमाकर आप आसानी से अपने बच्चो को पढ़ना सीखा सकते है।


‘स्पाइसटून्स’ इस मंच को बच्चों के लिये निःशुल्क रखना चाहता है। इन्हें उम्मीद है कि इसकी लोकप्रियता से प्रभावित होकर किताबों और अन्य सामान के विक्रेता ‘स्पाइसटून्स’ का इस्तेमाल अपने विज्ञापन के लिये करेंगे जिससे इन्हें राजस्व की प्राप्ती होगी। प्रयोगकर्ताओं के सकारात्मक अनुभव ने इन्हें रिलीज के चार सप्ताह के भीतर ही प्रतिष्ठित फिक्की बीएएफ अवार्ड का विजेता चुने जाने में मदद की।
मेरे इस चैंनल #Only_For_Kids में आपको बच्चों की शिक्षा और Parenting Tips के सम्बंध में बहुत सारी video उपलब्ध कराई गई है जैसे - बच्चों को पढ़ाने का सही तरीका हिंदी वर्णमाला english alphabet a to z बच्चों को लिखना कैसे सिखाएँ इसके अलावा बच्चों के personality devlopment के सम्बंध में भी बहुत सारे नए-नए एक्टिविटी बताई जाती है। बहुत से पेरेंट्स कॉमेंट्स करते हैं कि मेरा बच्चा होमवर्क नहीं करता मेरा बच्चा पढ़ता नहीं है हिंदी इंग्लिश लिखना और पढ़ना सिखाओ बच्चा बहुत जिद्दी है जिद्दी बच्चे को समझाने का सही तरीका क्या होता है तो ऐसे बहुत सारे प्रश्नों का उत्तर आपको मेरे videos में मिल जाएगा क्योंकिं मैं एक primary school का टीचर हूँ और मैं रोज अलग अलग प्रकार के बच्चों के बीच मे रहता हूँ जैसे जिद्दी बच्चे होशियार बच्चे सामान्य बच्चे पढ़ाई में कमजोर बच्चे लेकिन उन सभी के लिए मैं कुछ न कुछ नए ट्रिक्स लाते रहता हूँ और पढ़ाई को रोचक बनाता हूँ जिससे वो अच्छे से पढ़ते हैं और बात भी सुनते हैं। बच्चों को जोड़ना घटाना गुना भाग सीखने के भी नए नए तरीके है जिन्हें मैं अपने video के माध्यम से आपको हमेशा सिखाते रहूँगा यदि आप भी चाहते है आपको अच्छे अच्छे बच्चों की कहानी बच्चों की पोएम कविता सुनने देखने को मिले तो ये चैंनल आपके लिए ही है। आप सभी का धन्यवाद😊🙏
क्योंकि रूटीन की इस आदत के कारण हमारा काफी सारा समय यहां सप्लाई होने वाले ऐसे मैसेज को पढ़ने और अनुपयोगी तस्वीरों व वीडियो को डिलीट करने में चला जाता है। इस समय का अच्छा इस्तेमाल जरूरी है। दिनभर स्क्रीन पर होने का हमारे ऊपर असर पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि हम कुछ समय स्क्रीन से इतर किसी किताब को पढ़ने। किसी किताब के ऊपर अपने मन में आने वाले विचारों को पेन-पेपर की मदद से लिखने की कोशिश करें, यह हमारे मन को एक सकारात्मक ऊर्जा से भरेगी और विचारों के बाधित प्रवाह को फिर से आगे बढ़ने का रास्ता देगी।
‘स्पाइसटून्स’ की रोचकता और अनोखापन देखते हुए विश्वप्रसिद्ध कंपनी ब्रिटेनिया में इसमें रुचि दिखाई और उनके ब्रिटेनिया जिमजैम के समर्थन से इसी वर्ष फरवरी में इसे लाँच किया गया। जल्द ही इस गेम न प्रसिद्धी के शिखर को छुआ और वर्तमान में रोजाना 500 से अधिक खिलाड़ी इस आॅनलाइन खेल का लुत्फ उठा रहे हैं। पहले पांच हफ्तों के दौरान ही 25 हजार से अधिक उपयोगकर्ताओं ने इनमें रुचि दिखाई और आने वाले 15 महीनों में वे इसे 6 गुना से अधिक करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। वर्तमान में इसे केवल कंप्यूटर के माध्यम से ही खेला जा सकता है लेकिन जल्द ही इसका मोबाइल संस्करण भी प्रशंसकों के लिये उपलब्ध होगा।
आजकल तो घर घर में computer है. बच्चे को computer के माध्यम से पढ़ाने, नई चीज़ें सिखाने की कोशिश करें. Computer पर कई तरह games भी आती हैं, जिनमे बच्चों को खेल खेल में पढ़ाया जाता है. उनकी मदद से आप बच्चे को पढ़ा सकते हैं. आजकल ज़्यादातर school के chapters की books में उनकी CD साथ में ही आती है. उस CD को computer के माध्यम से बच्चे को दिखाएँ. देखी गई चीज़ें जल्दी याद होती हैं, और रुचि भी बनी रहती है. आपके बच्चे को इससे निश्चित रूप से फ़ायदा होगा.
 • Decisive: जब हम अपने घर से दूर होते हैं हमारे रोज़मर्रा के जीवन से जुड़े छोटे छोटे फैसले लेने में सहयोगी साबित होता है हमारे घर से हमारा दूर रहना। क्या चीज़ का सही दाम कितना है और पैसों की अहमियत झट से समझ आ जाती है जो कभी घर पर समझ नहीं आयी थी। महँगे कपड़ों की जिद्द करना भूल गयी मैं,हॉस्टल से जाने के बाद। पतिदेव भी decisive हैं,लेकिन केवल कुछ मुद्दों में। बाकी हमारी सासु माँ से एक बार डिसकस किये बिना उन्हें चैन नहीं पड़ता चाहे वो घर में कोई सामान लाने की बात ही क्यों ना हो।
Mujhe iss bat se bilkul hi koi problem nahi na kisi aur sikshak ko. Jo prakria is dhang me bataya gaya wah bilkul satik aur productive hai. Main iska istemal bakhoobi karata gun. Khed hai Ki shikshak jinhen rashtra dharohar ko sawarane ka jimma shaupa gaya hai as I NATO men ruchi Lyon nahi lete. Asi negativity samaj ke liye hitkar nahi hai.sadhanyabad.

छोटे बच्चों को पढ़ाने का तरीका हिंदी में छोटे बच्चों को पढ़ाना क्या वाकई इतना आसान है। शायद नहीं। ये छोटे जरूर होते हैं, लेकिन इन्हें एक जगह बैठाकर पढ़ाना टीचर और पैरेंट्स दोनों के लिए ही एक बड़ा टास्क है। बच्चों की लर्निंग हैबिट्स को लेकर पैरेंट्स और टीचर्स के मन में एक ही सवाल होता है कि आखिर इन्हें पढ़ाया कैसे जाए। आपको बता दें कि बच्चों को कुछ देर भी चुपचाप बैठाकर पढ़ाना काफी टफ है, इसके लिए जरूरी है कि आप अपने पढ़ाने का तरीका बदल दें। बच्चों को ऐसे अनोखे तरीकों से पढ़ाएं कि उन्हें ये अहसास ही ना हो, कि वो पढ़ाई करने जैसा भारी काम कर रहे हैं।

11 याद रखिए कि यह दुनिया और इसकी चीज़ें, यहोवा की सोच और उसके मकसद से मेल नहीं खातीं। (याकू. 4:7, 8; 1 यूह. 2:15-17; 5:19) यहोवा के साथ एक करीबी रिश्‍ता ही एक बच्चे को शैतान, दुष्ट दुनिया और दुनिया की बुरी  सोच से हिफाज़त दे सकता है। इससे बढ़िया हिफाज़त कोई और चीज़ नहीं दे सकती! अगर माता-पिता पढ़ाई और अच्छी नौकरी को पहली जगह देंगे, तो बच्चे को यही लगेगा कि दुनिया की चीज़ें ज़्यादा अहमियत रखती हैं, न कि यहोवा के साथ एक करीबी रिश्‍ता। यह बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है। माता-पिताओ, क्या आप चाहते हैं कि यह दुनिया आपके प्यारे बच्चों को सिखाए कि क्या बात ज़िंदगी में खुशी देगी? सच्ची खुशी और कामयाबी पाने का सिर्फ एक ही रास्ता है, यहोवा को अपनी ज़िंदगी में पहली जगह देना।​—भजन 1:2, 3 पढ़िए।

देर से वसंत, गर्मियों या शुरुआती शरद ऋतु में पैदा हुए बच्चों के लिए, सूट का उपयोग करें। मौसम के आधार पर नवजात शिशुओं के लिए सूट भी चुना जाता है। गर्म महीनों में, आप बाहरी कपड़ों के बजाय ठंड के दिनों में कपास के सूट पर रह सकते हैं, ऊन के मोटे सूट का उपयोग कर सकते हैं, आप पलायन कर सकते हैं या वेलोर कर सकते हैं। प्राकृतिक कपड़ों से बच्चों के लिए कपड़े खरीदें।
देर से वसंत, गर्मियों या शुरुआती शरद ऋतु में पैदा हुए बच्चों के लिए, सूट का उपयोग करें। मौसम के आधार पर नवजात शिशुओं के लिए सूट भी चुना जाता है। गर्म महीनों में, आप बाहरी कपड़ों के बजाय ठंड के दिनों में कपास के सूट पर रह सकते हैं, ऊन के मोटे सूट का उपयोग कर सकते हैं, आप पलायन कर सकते हैं या वेलोर कर सकते हैं। प्राकृतिक कपड़ों से बच्चों के लिए कपड़े खरीदें।
बच्चे बहुत जिज्ञासु हैं और शायद ऐसा कोई बच्चा नहीं है जो नई पुस्तक में चित्रों को देखना पसंद नहीं करेगा, उसे पढ़ने के लिए जोर से सुनें। माता-पिता भी अपने बच्चों को मजे से पढ़ाते हैं। और खुद बच्चे के लिए एक किताब बनाने की कोशिश करें। अनुदेश 1 शुरू करने के लिए, यह चुनें कि आप कौन सी पुस्तक बनाना चाहते हैं। अपने बच्चे से बात करें या अपनी कृति बनाने के लिए उसे आकर्षित करें। यह हो सकता है: एक नरम किताब पृष्ठों का आधार कार्डबोर्ड या सिंटेपोन की एक ही शीट ले जाता है, जो कपड़े से लिपटा होता है। चादरों पर कपड़े या अक्षरों के चित्र सिलते हैं। वेल्क्रो और हर दिन एक किताब "ड्रा" के साथ आवेदन करना
एक और बात महत्वपूर्ण यह है की प्रतिदिन के पढाई को किसी न किसी माध्यम से खेल से जोड़ने का प्रयास करें | ध्यान रहे की आपके बच्चे वर्ण क के साथ – साथ क से पाँच शब्द भी सीख चुके हैं , उन्हीं पाँच शब्दों को खेल में उतरना है | उदाहरन के लिए – कक्षा में बीस बच्चे हैं तो , पाँच – पाँच बच्चों का समूह बनेगा और हर समूह को एक शब्द दिया जायेगा | जैसे – कटोरी वाले समूह बतायेंगे की वो कटोरी में क्या – क्या खाना पसंद करेंगे | इसी तरह हर समूह अपने – अपने शब्द के बारे में बतायेगा |
खुद को पढ़ने का चस्का लगाने का सबसे अच्छा तरीका अपनी जिज्ञासा को दबाने से बचना है। अपने मन में उठने वाले सवालों का जवाब जानने की मेहनत में कंजूसी न करें। किताबों के पन्ने पलटें, लोगों से सही किताब के बारे में पूछें, किसी टॉपिक पर लिखना है तो उस पर कुछ पढ़ें, किसी डॉक्युमेंट पर टीवी प्रोग्राम देखकर राय कायम न करें, खुद उस दस्तावेज़ को पढ़ें फिर स्वतंत्र चिंतन से अपनी राय बनाएं।
पानी पीना: मानव मस्तिष्क में लगभग 75 प्रतिशत पानी होता है, इसलिए इसकी कार्यक्षमता इसे अच्छी मात्रा में पानी मिलने पर निर्भर करता है। पानी मस्तिष्क को सभी कार्यों जिसमें स्मरण शक्ति एवं विचार प्रक्रिया भी शामिल है, के लिए मस्तिष्क को विद्युत ऊर्जा प्रदान करता है। पानी की कमी की वजह से कई समस्याएं पैदा हो सकती है जैसे कि ध्यान केंद्रित करने में समस्या, याददाश्त में कमी, मस्तिष्क में थकान और साथ ही सरदर्द, नींद से संबंधित समस्याएं, गुस्सा एवं अवसाद इत्यादि। साथ ही, यह मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र की गतिविधियों को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए आप अपने बच्चों को खूब पानी पिलाएं। साथ ही, यह भी ध्यान रखें कि पानी की कमी की वजह से मस्तिष्क की कार्याक्षमता पर बुरा असर ना पड़े। बच्चों को ऐसा भोजन दें जिसमें संतृप्त वसा की मात्रा कम हो एवं सब्जियां व रेशे की मात्रा ज्यादा हो। इससे उनके मस्तिष्क में रक्त वाहिकाओं से संबंधित बीमारियां, जिनकी वजह से स्मरण शक्ति खराब होती है, होने की संभावना कम हो जाती है।
विभिन्न सर्वे रिपोर्ट में प्रदेश के पहली से आठवीं तक की कक्षाओं के अधिकतर बच्चे गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषयों कमजोर पाए गए हैं। इसे लेकर शिक्षा विभाग जिला बार स्कूलों का सर्वे कर रहा है। इस दौरान स्कूलों में इन तीनों विषयों में कमजोर बच्चों की सूची तैयार कर रहा है। इस दौरान सर्वे करने वाली शिक्षा विभाग की टीम शिक्षक की जिम्मेदारी भी तय करती है कि एक या दो माह के दौरान कमजोर बच्चों का ज्ञान बढ़ा कर उन्हें अन्य बच्चों के साथ कक्षा में बैठाया जाए।

अगर आप अपने जीवन में सफल होना चाहते है ? और अपने करियर को अच्छा बनाना चाहते है| तो इसके लिए आपको मेहनत करनी होगी, तभी आप एक सफल व्यक्ति बन पायेंगें| और इसके लिए आपको आज का टेक्निकल ज्ञान सीखना होगा जैसे: कंप्यूटर कोर्स, और अंग्रेजी बोलने आना चाहिए| तभी आप अपने सफलता को प्राप्त कर पायेंगें| आप किसी भी देश में रहते हो, कोई फर्क नही पड़ता आपको कंप्यूटर और अंग्रेजी बोलने तो आना ही चाहिए| आज बहुत से एसे व्यक्ति है जो अपने हाथ में अपने पढाई की डिग्री लिए और नौकरी पाने के लिए बहुत परेशान है| अगर आप भी सोचते है कि सिर्फ अपनी पढाई की डिग्री से नौकरी पा लेंगें तो आप बहुत बड़ी गलत फैमि में है क्योंकि दुनिया अब बदल गई है, आदमी से ज्यादा काम तो अब मशीन करती है| फिर आदमी को नौकरी कहाँ से मिलेगा| लेकिन परेशान न होए अभी भी बहुत से नौकरी आपके लिए मौजूद है, लेकिन इस नौकरी को पाने के लिए आपको अपने पढ़ाई के साथ-साथ आपको टेक्निकल ज्ञान और कम्पटीशन की भी तैयारी करनी होगी, क्योंकि आप देख ही रहे है आज हर काम में कम्पटीशन चल रहा है|
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